व्हाट्सएप ने फरवरी 2025 में भारत में अपनी सुरक्षा नीतियों को सख्ती से लागू करते हुए 97 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया। मेटा के स्वामित्व वाली इस मैसेजिंग सेवा ने अपनी मासिक सुरक्षा रिपोर्ट में यह खुलासा किया। खास बात यह है कि 14 लाख से ज्यादा खातों को किसी भी शिकायत से पहले ही सक्रिय रूप से बंद कर दिया गया। यह कदम उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और मंच के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
14 लाख खाते बिना शिकायत के ब्लॉक: AI तकनीक का कमाल
व्हाट्सएप ने अपनी उन्नत कृत्रिम मेधा (AI) तकनीक और विशेषज्ञों की टीम के जरिए 14 लाख से अधिक खातों को प्रोएक्टिवली बंद किया। ये खाते सेवा शर्तों का उल्लंघन कर रहे थे, और इन्हें उपयोगकर्ताओं की शिकायत का इंतजार किए बिना ही हटा दिया गया। यह कदम मंच की सक्रियता और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।
मासिक रिपोर्ट में खुलासा: सुरक्षा पर व्हाट्सएप का फोकस
मेटा के इस प्लेटफॉर्म ने अपनी फरवरी 2025 की मासिक रिपोर्ट में बताया कि कुल 97 लाख से अधिक खातों पर कार्रवाई की गई। रिपोर्ट में उपयोगकर्ताओं की शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाइयों का भी जिक्र है। व्हाट्सएप का कहना है कि उसका लक्ष्य मंच को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाए रखना है।
उपयोगकर्ताओं के लिए व्हाट्सएप की सलाह: जिम्मेदारी से करें इस्तेमाल
व्हाट्सएप ने उपयोगकर्ताओं से मंच का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की है। इसमें दूसरों की निजता का सम्मान करना, स्पैम मैसेज से बचना और ब्रॉडकास्ट लिस्ट का सही तरीके से इस्तेमाल करना शामिल है। कंपनी ने थोक संदेश और स्वचालित मैसेजिंग से होने वाले दुरुपयोग को रोकने पर भी जोर दिया।
प्रवक्ता का बयान: तकनीक और विशेषज्ञों का निवेश
व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि मंच उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए AI, डेटा साइंस और विशेषज्ञों की टीम में लगातार निवेश कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नवीनतम रिपोर्ट मंच के सक्रिय दृष्टिकोण और दुरुपयोग रोकने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।यह कदम न केवल व्हाट्सएप की सुरक्षा नीतियों को मजबूत करता है, बल्कि उपयोगकर्ताओं को एक बेहतर और सुरक्षित अनुभव प्रदान करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।