यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे तनाव में एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने घोषणा की है कि उनका देश ऊर्जा अवसंरचना को हमलों से बचाने के लिए समझौते पर आगे बढ़ने को तैयार है। यह बयान सऊदी अरब में अमेरिका की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद आया है, जिसमें ऊर्जा सुविधाओं पर हमले रोकने और काला सागर में सुरक्षित नौवहन को लेकर सहमति बनी। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं।
ऊर्जा अवसंरचना पर संघर्षविराम की शुरुआत
जेलेंस्की ने मंगलवार देर रात एक वीडियो संबोधन में साफ कहा कि यूक्रेन ने अमेरिकी वार्ताकारों के साथ मिलकर ऊर्जा अवसंरचना के लिए संघर्षविराम को तत्काल प्रभाव से लागू करने पर सहमति जताई है। यह कदम दोनों देशों के बीच सीमित युद्धविराम की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा सुविधाओं पर हमला किया, तो इसका जवाब सख्त होगा।
सऊदी अरब में वार्ता: कमजोर समझौते की नींव
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में तीन दिनों तक चली वार्ता में यूक्रेन और रूस के अधिकारियों ने अमेरिका के साथ अलग-अलग चर्चा की। इस दौरान ऊर्जा अवसंरचना पर हमले रोकने और काला सागर में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर सहमति बनी। अमेरिका ने इसे एक सकारात्मक कदम बताया, लेकिन दोनों पक्षों के बीच ड्रोन और रॉकेट हमले जारी रहने से यह समझौता अभी लागू नहीं हो सका है।
काला सागर समझौता: रूस की शर्तें और यूक्रेन का जवाब
रूस ने काला सागर में सुरक्षित नौवहन के बदले प्रतिबंधों में राहत की मांग की है। क्रेमलिन ने कहा कि रूसी कृषि बैंक और वित्तीय संगठनों पर प्रतिबंध हटाए जाएं और उन्हें ‘स्विफ्ट’ भुगतान प्रणाली तक पहुंच दी जाए। जवाब में, जेलेंस्की ने मॉस्को पर समझौते की शर्तों को तोड़-मरोड़ करने और झूठ बोलने का आरोप लगाया। व्हाइट हाउस ने रूस की मांगों को ध्यान में रखते हुए कृषि निर्यात और समुद्री बीमा लागत कम करने में मदद का वादा किया है।
जेलेंस्की के गृहनगर पर हमला: तनाव बरकरार
इन सबके बीच, रूस ने जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रीह पर ड्रोन से हमला बोला। शहर के प्रशासन प्रमुख ओलेक्सांद्र विलकुल ने बताया कि मंगलवार रात कामिकेज ड्रोन से हमला हुआ, हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। यह घटना दर्शाती है कि समझौते के बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव कम नहीं हुआ है।
क्या है आगे की राह?
जेलेंस्की ने समझौते के प्रयासों के लिए अमेरिका को धन्यवाद दिया, लेकिन कुछ अहम बिंदुओं पर उनके सवाल बने हुए हैं। तीन साल से चल रहे इस युद्ध को खत्म करने के लिए व्यापक शांति समझौता अभी भी दूर की बात लगती है। 2022 में संयुक्त राष्ट्र और तुर्किये की मध्यस्थता में हुआ काला सागर समझौता भी रूस द्वारा रोक दिया गया था। अब यह नया प्रयास कितना सफल होगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।